My stay on earth!

25 November 2006

A poem by some unknown writer…..

Filed under: Uncategorized — nerdjumbo @ 10:00 pm

I found it in one of the orkut scraps….and it touched me..

किसी के इतने पास न जा

के दूर जाना खौफ़ बन जाये

एक कदम पीछे देखने पर

सीधा रास्ता भी खाई नज़र आये

किसी को इतना अपना न बना

कि उसे खोने का डर लगा रहे

इसी डर के बीच एक दिन ऐसा न आये

तु पल पल खुद को ही खोने लगे

किसी के इतने सपने न देख

के काली रात भी रंगीली लगे

आखँ खुले तो बर्दाश्त न हो

जब सपना टूट टूट कर बिखरने लगे

किसी को इतना प्यार न कर

के बैठे बैठे आखँ नम हो जाये

उसे गर मिले एक दर्द

इधर जिन्दगी के दो पल कम हो जाये

किसी के बारे मे इतना न सोच

कि सोच का मतलब ही वो बन जाये

भीड के बीच भी

लगे तन्हाई से जकडे गये

किसी को इतना याद न कर

कि जहा देखो वो ही नज़र आये

राह देख देख कर कही ऐसा न हो

जिन्दगी पीछे छूट जाये

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